वजह ये है कि 80 में से 40 सीटों पर सवर्ण मतदाता सीधे-सीधे निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं. उधर विपक्षी दलों का कहना है कि वह फैसले का स्वागत तो करते हैं लेकिन इसे सियासत से प्रेरित भी करार दे रहे हैं.from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी http://bit.ly/2LXvQuW
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